
वर्धा (संवाददाता):
शहर के महिला आश्रम परिसर में स्थित गिरीश राजपाल के पेट्रोल पंप पर से पेट्रोल भरवाने के बाद दो लोगों की नई गाड़ियों के इंजन में खराबी आने की घटना सामने आई है। इस वजह से पीड़ितों ने ग्राहक मंच (Consumer Forum) में शिकायत दर्ज की है। ऑनलाइन पेमेंट के सबूत के कारण यह साबित हुआ है कि पेट्रोल राजपाल के पंप से ही लिया गया था। इसी आधार पर न्यायालय में यह मामला मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
कुछ समय पहले तक इस पंप पर चोरी का डीज़ल-पेट्रोल आने का सिलसिला बंद हो गया था, लेकिन अब फिर से भेसल (मिलावट) का काम शुरू होने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, खुले इथेनॉल की बड़ी मात्रा इस पंप तक पहुंचाई जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि —
यह इथेनॉल कहां से आता है? कौन देता है? और इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है?
इन सवालों के जवाब अब धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं।
पेट्रोल कंपनी को इस भेसल प्रकरण की लिखित सूचना भी भेजी गई है, साथ ही जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी दी गई है।
वर्धा पुलिस अब यह जांच करने में जुटी है कि यह डीज़ल और पेट्रोल वास्तव में कहां से आता है और किस माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है।
पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और माना जा रहा है कि जल्द ही इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी पुलिस ने कई बार इस पंप के अवैध कामकाज पर आपत्ति जताई थी, जिसके कारण यह कुछ समय के लिए बंद भी हो गया था।
लेकिन अब पुनः इसी नेटवर्क के ज़रिए डीज़ल-पेट्रोल की तस्करी और भेसल शुरू हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे का मुख्य सूत्रधार गिरीश राजपाल ही है, और इसी कारण से कई नागरिकों तथा समाजसेवियों ने मांग की है कि इस तस्करी पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन तुरंत सख्त कार्रवाई करे।









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